Biography Of Albert Einstein in Hindi 2020
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Biography Of Albert Einstein in Hindi 2020

Biography Of Albert Einstein in Hindi-

हेलो ! कैसे हो फ्यूचर के सुपरस्टारों आशा करता हु की अच्छे होंगे और लॉकडाउन का पालन कर रहे होंगे |

निवेदन :- घर पर रहे सुरक्षित रहे | …..

Biography Of Albert Einstein in Hindi
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” जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं कि उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की “

ऐसा कहना था सदी के सबसे बड़े वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन का , ना सिर्फ वह सदी के सबसे बड़े वैज्ञानिक थे बल्कि वह सदी के सबसे बुद्धिमान इंसान भी थे  | किसी भी नार्मल इंसान का IQ 90 से 120  के बीच होता पर वही आइंस्टीन का IQ 160 से लेकर 170 के बीच माना जाता है | अपनी Theory से ना केवल उन्होंने कई बड़े बड़े आविष्कार किये बल्कि Newton जैसे बड़े वैज्ञानिक को भी गलत साबित किया |

जी हां , Newton जिनको आइंस्टीन अपना गुरु मानते थे उन्हें ही गलत साबित किया , पर इसका मतलब ये नहीं की वह Newton का आदर नहीं करते थे वह Newton का बहुत आदर करते थे |

अपने बचपन में मंदबुद्धि कहे जाने वाले आइंस्टीन कैसे बने इतने काबिल ? क्यों अपनी पत्नी को आगे बढ़ने से रोक दिया ? कैसे जर्मनी को छोड़ आइंस्टीन अमेरिका आ गए ? किस Theory की वजह मिला नोबेल प्राइज ? आखिर किसने उनके मरने के बाद उनका दिमाग चुरा लिया था ? क्यों हिटलर उनको गाली देते थे ? कैसे इतने बड़े IQ वाले इंसान को कभी अपना फ़ोन नंबर तक याद नहीं था ? ऐसे ही कई और सवालों और उनके जीवन के बारे में आज आपको जानने को मिलेगा तो दोस्तों बने रहिये और इस पोस्ट को पूरा पढ़े ताकि आप उनके कुछ राज जान पाए |

तो चलिए जानते है The ग्रेट वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के बारे में – (Biography Of Albert Einstein in Hindi)

शुरआती जीवन (Early Life)

अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म 14 मार्च , 1879 को शुक्रवार के दिन जर्मनी में हुआ | आज दुनिया उनके जन्मदिन के साथ साथ PIE DAY  भी मानती है | बड़े ही साधारण परिवार में जन्मे आइंस्टीन के पिता का नाम  हेमर्न आइंस्टीन था , जोकि एक इंजीनियर के साथ साथ एक सेल्समेन भी थे |

आइंस्टीन की विज्ञान  में रूचि सबसे पहले उनके पिता से ही शुरू हुई वह हमेशा अपने पिता से सवाल पूछा करते , जिसपर उनके पिता हमेशा उनको नेचर(Nature) के बारे में बताते थे, एक बार उनके पिता ने उन्हें एक कंपास गिफ्ट में दिया जिसे देख आइंस्टीन हमेशा ये सोचा करते की ये कंपास की सुई हमेशा नार्थ की तरफ ही क्यों घूमती है ? जिसपर उनके पिता हमेशा उन्हें अच्छे से समझा देते थे  , यही से आइंस्टीन की रूचि विज्ञान की तरफ बढ़ती चली गई | वही उनकी माताजी का नाम पौलिन कोच था , जोकि एक ग्रहणी महिला थी |

आमतौर पे बच्चे अपनी माता के ज्यादा करीब रहते है पर आइंस्टीन कहा आम थे वह अपनी माँ से ज्यादा अपने पिता के साथ रहते थे | आइंस्टीन की एक छोटी बहन भी है जिसका की नाम माजा आइंस्टीन है | आइंस्टीन के जन्म के एक साल बाद ही उनका परिवार जर्मनी के दूसरे शहर म्युनिक में आकर रहने लगता है |

Him-eesh Madaan Biography(Click Here)

पढाई-लिखाई में कैसे थे आइंस्टीन (Education)

अपनी शुरआती पढाई जर्मनी के शहर म्युनिक के ही एक स्कूल कैथोलिक एलेमेंटरी स्कूल से शुरू की  उसके बाद जब वह 5 साल के हुए तो उनका  दाखिला लैटपोल्ड जिम्नेजियम स्कूल में हो गया  जहा फिर उन्होंने अपनी प्राइमरी से लेकर सेकेंडरी क्लास तक की शिक्षा प्राप्त की | आप भी ये जानकर हैरान होंगे की अब इस स्कूल का नाम आइंस्टीन स्कूल है |

जहा पहले कभी उनको मुंदबुंद्धि बोला जाता था आज उनके ही नाम का वह स्कूल है | वैसे आइंस्टीन अपनी शुरआती पढाई में बिल्कुल भी अच्छे नहीं थे वह हमेशा अपनी क्लास में बैठे कल्पना किया करते की कैसे हम यूनिवर्स में यात्रा कर सकते है ? अपनी पढाई में कम और कल्पनाओ में ज्यादा खोये रहते थे आइंस्टीन | जिस वजह से ही उनके स्कूल के टीचर उनकी हमेशा शिकायत किया करते |

पर जहा बात उन्हें मन्दबुंद्धि कहने की है तो उनके टीचर उन्हें इसीलिए मंदबुद्धि कहा करते क्युकी वह अपने टीचरो से अपनी बुक का कोई भी सवाल ना पूछ वह हमेशा अजीबो-गरीब सवाल पूछते  जैसे की धरती पे अट्मॉस्फेरे क्यों है ? लोग सोते क्यों है ? लोग अपनी छोटी आँखों से कैसे सूरज को देख लेते है ? या दुनिया में सूरज से ज्यादा गर्म क्या है ? ऐसे बहुत से सवाल पूछ आइंस्टीन हमेशा अपने टीचरो को परेशान कर दिया करते थे जिसपर ही उनके टीचर उन्हें मंदबुद्धि कहा करते थे  |

अपने टीचरो के ताने सुन आइंस्टीन ने फिर खुद से मेहनत करना चालू किया और फिर वह  दिन रात साइंस मैथ्स पढ़ते गए पढ़ते गए | जिस वजह से ही उनके स्कूल में ग्रेड अब अच्छे होने लगे हलाकि अब भी बाकि सब्जेक्ट्स में उनके कम मार्क्स ही आते थे पर इस बात पर ज्यादा ना ध्यान देकर वह नॉलेज पे फोकस करते थे |

यहाँ तक की उनके ट्यूशन टीचर भी उनसे डरते थे की कही कोई बड़ा मुश्किल सवाल ना पुछले | आज के बच्चे जहा कैलकुलस से इतना डरते है वही आइंस्टीन ने कैलकुलस को मात्र 13 से 14 की उम्र मै ही ख़त्म कर दिया था |

अपनी स्कूली शिक्षा पूरा कर फिर वह अपने एक टीचर के कहने पर स्विट्जर्लैंड के आरू में आर्गोवियन कैंटोनल स्कूल में चले गये यहाँ से आइंस्टीन ने  अपना डिप्लोमा हासिल  किया उसके बाद फिर वह 1896 में अपना दाखिला फेडरल इंस्टिटयूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में करवा यहाँ से साल 1900 में अपना ग्रेजुएशन पूरा करते है |

उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन मैथ्स, फिजिक्स में पूरी की उसके बाद उन्हें इसी यूनिवर्सिटी यानि की फ़ेडरल से ही 5 साल बाद पीएचडी की भी डिग्री हासिल होती है |

 कैसे अपनी ही प्रोफेसर की बेटी से प्यार कर बैठे आइंस्टीन ? (How Einstein sat in love with his own professor’s daughter?)

वैसे आपको बताते चले की आइंस्टीन अपने जीवन में बहुत से रिलेशनशिप में भी  पड़े जिसमें की उनकी सबसे पहली रिलेशनशिप उनके ही प्रोफेसर जोस्ट इंटेलेर की बेटी से हुआ उनका रिलेशन था | हुआ कुछ यूँ की जब आइंस्टीन स्विट्जर्लैंड  आये तो उन्होंने अपने ही कॉलेज के एक प्रोफेसर के घर में रहने लगे | जहा उन्हें मारिए नाम की लड़की से प्यार हो गया जोकि उनके ही कॉलेज के प्रोफेसर की बेटी थी |  वह हमेशा बाते किया करते , हमेशा एक साथ साइकिल पर घुमा करते जिसे देख उनके प्रोफेसर उनको अपनी पढाई पे ध्यान देने को कहा करते | जिस देख आइंस्टीन फिर अपने पढाई को भी ध्यान देने लगे और वह हमेशा अपने सबसे पसंदीदा बुक्स ऑथर कांट की बुक्स को भी  पढ़ा करते थे | फिर धीरे-धीरे आइंस्टीन और मारिए में दूरिया बढ़ती चली गई और दोनों अलग हो गए |

 

कैसे एक सुपर जीनियस को एक सुपर गुनियस से हुआ प्यार ? (How did a super genius fall in love with a super gunnius?)

इस से पहले की आप उनकी दूसरी रिलेशनशिप के बारे में जाने उस से पहले हम आपको ये बताते चले की जब आइंस्टीन अपनी 17 साल की उम्र स्विट्जर्लैंड के एक कॉलेज के प्रवेश परीक्षा में सफल नहीं हो पाए जहा वह फिजिक्स और मैथ्स बाकि किसी भी सब्जेक्ट में सफल नहीं हुए जिसके बाद उसी कॉलेज के प्रिंसिपल के कहने पर उन्होंने दुबारा उसी एग्जाम को दिया और वह इस बार सफल भी हुए |

इसी बीच उन्हें मारिए नाम की लड़की से प्यार हुआ था | पर वह सफल होकर उस कॉलेज में पढ़ रहे थे | जहा उनके जैसा जीनियस दूसरा कोई ओर ना था ऐसा इन्स्टीन को लगता था |

लेकिन एक दिन जब वह अपनी कॉलेज की क्लास में पढाई कर रहे थे तो उन्ही की टीचर ने उनसे  एक फिजिक्स का सवाल पूछा जिसे आइंस्टीन नहीं बता पाए और उसी क्लास में मौजूद मिलेवा मेरिक ने उस सवाल का जबाब दिया और उसे एक्सप्लेन भी किया |

इसके बाद से ही आइंस्टीन ने मिलेवा से दोस्ती बढ़नी शुरू की और मिलेवा भी ये जानती थी की आइंस्टीन कितने बुंद्धिमान इंसान जिस वजह वह भी उनके साथ खूब मिला करती | और फिर धीरे धीरे ये मुलाकात प्यार में बदल गया और आगे चल इन दोनों ने शादी भी कर ली |

जिनसे की इन्हे दो संताने है पहला हंस और दूसरा एडुअर्ड आइंस्टीन | आइंस्टीन और मिलेवा दोनों एक दूसरे बहुत ज्यादा प्यार करते थे | पर क्या ऐसा हुआ की ये दोनों अलग हो गए यहाँ तक की आइंस्टीन के बच्चे भी आइंस्टीन को अपना पिता कहने से इंकार करते थे आगे आपको इसके बारे में जानने को मिलेगा |

क्या हुआ की मिलेवा और आइंस्टीन अलग हो गये ? (What happened that Mileva and Einstein separated?)

मिलेवा जोकि आइंस्टीन से बेहद ही ज्यादा प्यार करती थी और आइंस्टीन भी मिलेवा से बहुत प्यार करते थे | लेकिन जब इन दोनों ने शादी की तो इनकी फाइनेंसियल  कंडीशन कुछ ज्यादा अच्छी नहीं , और फिर आइंस्टीन भी कुछ फाइनेंसियल इतने अच्छे नहीं थे | लेकिन इस सब के वावजूद ये दोनों खुश थे | जैसे की  हमने पहले ही पढ़ा की मिलेवा जो थी वह खुद भी एक बहुत ही बुद्धिमान महिला थी |

यहाँ तक कई इतिहासकार तो ये तक कहते है की मिलेवा आइंस्टीन से भी ज्यादा तेज थी | जिसका सबूत हमने ऊपर ही पढ़ा है अभी की कैसे जो सवाल आइंस्टीन नहीं हल कर पाए ? वह मिलेवा ने चुटकियो में हल कर दिखाया था |  पर जब उनकी शादी हुई तो आइंस्टीन संग वह भी मिल फिजिक्स के Theory बनाया करते थे |

आइंस्टीन की कई सारी थ्योरी में मिलेवा का भी हाथ रहा है पर जब ये लेख या ये theory सबके सामने आती तो उसमें नाम सिर्फ आइंस्टीन का ही होता था | वह हमेशा ये सोचा करते की जहा मेरे नाम है वहा  मिलेवा का भी नाम है |

पर मिलेवा अपने नाम को देख बड़ा दुखी हो जाय करती थी , और हो भी क्यों ना अपना पढाई का टैलेंट लोगो तक ना पहुंच देख वह धीरे धीरे डिप्रेशन में जाने लगी | उसके बाद तो उनके बच्चे भी अपनी माँ की ये हालात देख काफी गुस्सा किया करते थे | आइंस्टीन और मिलेवा के बीच अब सब कुछ पहले जैसा नहीं रहा था वह हमेशा एक दूसरे से अब लड़ा करती |

जिस वजह दोनों के रिश्ते बहुत ख़राब हो गए | लेकिन इस से भी बुरा तब हुआ जब मिलेवा को ये पता चला की आइंस्टीन का अफेयर उनकी ही एक कजिन से चल रहा है |

फिर क्या था मिलेवा और आइंस्टीन दोनों फिर अलग अलग रहने लगे | और करीबन 5 साल अलग रहने के बाद  उन दोनों ने  14 फेब्रुअरी, 1919 में एक दूसरे से तलाख ले लिया | और ये अच्छी खासी जोड़ी अब अलग हो गई | मिलेवा जोकि खुद एक बहुत अच्छा स्टूडेंट थी वह पढाई में भी आइंस्टीन के लेवल से ऊपर ही थी पर कहते है ना की किस्मत आपको कभी ना कभी धोखा देती है वैसे ही उनके साथ भी हुआ |

कैसे अपने तलाख के तुरंत बाद आइंस्टीन ने जल्द ही दूसरी शादी कर ली ? (How soon after his search did Einstein get a second marriage?)

वैसे बड़ा ही आश्चर्य होता है ये जानकर की कैसे कोई ऐसा व्यक्ति महिला को पसंद आये ? जोकि ना तो अपने बालो में कंघी करता हो , ना ही रोज नहाता हो, और ना ही कभी मोज़े पहना जरूरी समझता हो | पर आइंस्टीन इन सब आदतों के वावजूद भी महिलाओ इसीलिए पसंद आते थे क्युकी उनका ज्ञान का भंडार  बहुत बड़ा था |ऐसे ही फिर जब उनका तलाख उनकी पत्नी मिलेवा से हुआ उसके तुरंत बाद ही उन्होंने एल्सा जोकि उनकी कजिन सिस्टर थी उसे प्यार कर बैठे और फिर इन दोनों से एक दूसरे से शादी कर ली  जिससे फिर ये दोनों काफी सालो तक एक साथ रहे | फिर साल 1936 में एल्सा की किसी कारण वाश मृत्यु हो जाती है | और फिर आगे भी आइंस्टीन की ज़िन्दगी में और भी महिलाये आती है जिनसे उनके अफेयर्स की चर्चा आम रहती है |

आखिर हिटलर आइंस्टीन को क्यों मारना चाहता था ?(Why did Hitler want to kill Einstein?)

इसके पीछे  की एक मूल वजह ये भी थी की हिटलर को यहूदियों  से बड़ा ही नफ़रत था क्युकी वह  यह सोचता था की यहूदियों की वजह से ही जर्मनी आज दुनिया  के सामने झुकी हुई है और तब पुरे देश में आर्थिक संकट की वजह भी हिटलर उन यहूदियों  को ही मानता था | जिस वजह से वह सारे यहूदियों को मार देना चाहता था | और आइंस्टीन खुद एक यहूदियों थे जिस वजह आइंस्टीन जब जर्मनी की गलिओ में घुमा करते करते हो हिटलर के लोग उन्हें गालिया देते थे |

आइंस्टीन को बच्चे काफी पसंद थे वह हमेशा बच्चो को विज्ञान की बात बताते रहते थे लेकिन जब से हिटलर ने  जर्मनी में अपने पाउ पसारने शुरू किये तभी से आइंस्टीन ये अनुभव हो गया था की यहाँ रहना अब उनके लिए ठीक नहीं होगा | तो उन्होंने साल 1932 में जर्मनी की नागरिकता को छोड़ अमेरिका की नागरिकता  अपनाई फिर साल 1933 में हिटलर पुरे जर्मनी पर अपनी ठोस जमा चूका था |

तो उसने ये एलान कराया की जोभी आइंस्टीन को मारेगा वह उसे 5000 डॉलर देगा (उस जमाने में 3 लाख इंडियन रूपये) | लेकिन वह अपने इस मकसद में कभी कामयाब नहीं हो पाया |

चलिए उनके भूलने की बिमारी से जुड़े कुछ किस्से जानते है ?(Let us know some stories related to their forgetfulness?) (Biography Of Albert Einstein in Hindi)

ये सुनते हुए भी काफी लोगो को हंसी आ जाती है की इतने बड़े वैज्ञानिक और IQ वाला इंसान को उनका खुदा का अपना नंबर तक नहीं पता था | जी हां ,, एक बार वह अपने घर में कुछ रिसर्च कर रहे थे की तभी उनके घर कोई आदमी आया और उनसे ये पूछा की सर ! क्या आप अपना टेलीफोन नंबर दोगे जिससे की में आपको लेने रोज सुबह आपके घर आ जाऊ ?  इस सवाल को सुन वह अपना टेलीफोन बुक उठाते है और खुद का ही नंबर खोजने लगते है |

जिसके बाद वह आदमी उनसे ये कहता है की  आपको आपना नंबर तक याद नहीं , इसपर आइंस्टीन ये कहते है की ” मैं उस चीज को अपने दिमाग में क्यों याद राखु जोकी में 2 मिनट में किसी किताब में ढूंढ़ने से मिल जाये  ” |

ये तो हुई उनकी पहली कहानी ऐसी कई  | उनकी दूसरी कहानी ये है की एक बार वह ट्रैन में यात्रा कर रहे  होते है की तभी उस ट्रैन का टीटी आता है और उनसे टिकट दिखने को कहता है | जिसपर की आइंस्टीन इधर-उधर अपने उस टिकट को ढूढ़ने लगते है काफी देर ढूढ़ने के बाद भी उन्हें वो टिकट नहीं मिलती है | जिस देख वह टीटी उनसे ये कहता है की ” कोई नहीं मिस्टर आइंस्टीन आप यात्रा कर सकते है” |

जिसके जबाब में आइंस्टीन की ये बात सुन वह टीटी भी हैरान हो जाता है |  आइंस्टीन कहते है की  ” अगर मुझे वो टिकट नहीं मिली तो मैं ये कैसे जानूंगा की मुझे जाना कहा है ” | इसीलिए हमने शुरू में ये लिखा था की कई लोग इनकी ये आदत को जान हंसने लगते है |  

किस थ्योरी को खोज उन्हें मिला नोबेल प्राइज ? (Which theory did he get the Nobel Prize for?) (Biography Of Albert Einstein in Hindi)

अक्सर कई लोग ये बताते है की आइंस्टीन को नोबेल प्राइज ” Theory of Relativity ” की वजह से मिली | पर ऐसा बिल्कुल भी नहीं है | दरअशल उनको नोबेल प्राइज Theory of Relativity की वजह नहीं बल्कि PhotoElectric Effect  की खोज की वजह से मिला था |

साल 1921 उन्हें PhotoElectric Effect की खोज की वजह से नोबेल प्राइज मिला | ये थ्योरी क्या बताती है? तो यह ये बताती है  की जब किसी सतह पर Electricity magnetic Radiation डाला जाता है उसकी सतह से इलेक्ट्रॉन निकलने लगते है और इसी को आप PhotoElectric Effect के नाम से जानते हो |

थोड़ा मुश्किल होगा पर आप इसकी और  जानकारी किसी दूसरे ब्लॉग को पढ़ के भी ले सकते है | वही Theory of Relativity यानि E=MC^ 2 क्या है ? ये बहुत ही बड़ा थ्योरी है इसे एक्सप्लेन करना थोड़ा ज्यादा मुश्किल है पर में आपको इसका एक एडवांटेज बता देता हूँ |  जैसे की आप लोग ये जानते होंगे की E मतलब Energy , M मतलब Mass और C मतलब Velocity ऑफ़ लाइट ( 3 * 10 ^ 8 m/s ) |

ये बताती है की अगर आप लाइट की गति से भी ज्यादा तेज यात्रा कर सके तो आप टाइम मशीन को भी बना सकते है | आप एक पल में कही भी यात्रा कर सकते है या ये भी हो सकता है आप किसी दूसरी दुनिया में पहुंच जाए |

कैसे मरे आइंस्टीन ? (How did Einstein die?)(Biography Of Albert Einstein in Hindi)

अल्बर्ट आइंस्टीन एक बेहतर ज़िन्दगी जीने वाले और खुले दिल के व्यक्ति थे | 17 अप्रैल , 1955 को उन्होंने अपनी अंतिम सांसे इस दुनिया में ली | अपने अंतिम समय से पहले वह बोल गए थे |

तो चलिए जानते है की उन्होंने क्या कहा था अपने अंतिम समय में उन्होंने कहा की मेरे मरने के बाद मुझे पे कोई भी रिसर्च नहीं होगी और मुझे जलाने के बाद मेरे  राख को किसी खुफिया जगह पर दाफना दिया जाये | उनके आखिरी के शब्द जर्मन में थे , और जब वह इन शब्दों को बोल रहे तो उनके रूम में सिर्फ एक नर्स थी जिसे की जर्मन नहीं थी | 

इसी वजह से शायद उनके आखिर शब्द अब दुनिया को पता ना चल पाए | | अपने लास्ट डायरी में लिखे कुछ वाक्य ये बताते है की वह दुनिया में चल रहे इंसानी तनाव के बारे में सोच रहे थे | उनके मरने के बाद उसी हॉस्पिटल के किसी मेंबर ने उनका दिमाग चुरा लिया था |

जिसे फिर बाद वह की पुलिस ने पकड़ा था | और फिर उनके बेटे के कहने पर वैज्ञानिको ने उनके दिमाग की रिसर्च की तो ये पता चला की उनके दिमाग में किसी भी आम आदमी के मुकाबले ज्यादा मात्रा में सेल्स यानि कोशिकाएं मौजूद थी | जिस वजह से वह इतने जीनियस थे |

जानिए आइंस्टीन से जुड़े कुछ बहुत ही जबरदस्त फैक्ट्स (Know some of the tremendous facts related to Einstein) (Biography Of Albert Einstein in Hindi)

  • अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म 14 मार्च 1879 में जर्मनी में हुआ था |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन ने अपने जन्म के शुरआती चार साल तक कुछ भी नहीं बोला था | जिस वजह से उनके माता-पिता उन्हें बोल ना सकने वाला बालक समझते थे |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन के मुँह से निकले पहले शब्द ये थे ” सूप बहुत गर्म है ” |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन अपनी उम्र के बच्चो के साथ ना खेल वह हमेशा अपनी कल्पनाओ में खोये रहते थे |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन ने Newton के समय वाले सिद्धांत को भी गलत साबित किया था |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन ने पुरे जीवन काफी महिलाओ के साथ प्यार किया |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन को उनके बेटे अपना पिता कहने से कतराते थे |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन को मारने के लिए हिटलर ने उन पर 3 लाख रूपये का इनाम रखा था |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन स्कूल के कई टीचर मंदबुद्धि बुलाते थे |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन को जिस स्कूल में मंदबुद्धि बुलाया जाता था उसी स्कूल का आगे जाके नाम आइंस्टीन स्कूल पड़ गया |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन कए सारे एग्जाम भी फेल भी हुए |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन को अपना फ़ोन नंबर तक याद नहीं रहता था |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन की पॉपुलैरिटी देख लोग उन्हें हमेशा पेचान लेते थे इस पर आइंस्टीन ने बाद में लोगो को ये कहना शुरू किया की दरअशल में आइंस्टीन नहीं बल्कि उसी के जैसा दिखने वाला एक इंसान हु |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन एक बार अपने घर का पता तक भूल गए थे |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन के जन्मदिन ही PIE DAY को भी मनाया जाता है |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन का सिर कई और इंसानो के मुकाबले काफी बड़ा था |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन को एक बार उनके एक टीचर ने “lazy Dog ” तक कहा था |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन को कंघी करना बिलकुल भी पसंद नहीं था |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन को मोज़े पहना भी पसंद नहीं था | वह कभी कभी फाटे मोज़े ही पहन लिया करते थे |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन को वोइलिन बजने का बड़ा शौख था |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्मदिन जीनियस डे के रूप में भी मनाया जाता है |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन अपने ही कॉलेज प्रोफेसर की बेटी से प्यार कर बैठे थे |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन ने नाज़ी आर्मी के कारण जेर्मनी छोड़ अमेरिका आ गए |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन  को फादर और मॉडर्न फिजिक्स भी कहा जाता है |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन अपने ऑटोग्राफी के लिए 5 डॉलर और अपने भाषण के 1000 डॉलर लिया करते और ये सारा पैसा वह गरीबो में दान कर दिया थे |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन के आतिम शब्द जर्मन में थे जिस वजह से उस रूम में मौजूद नर्स के सिवाय वह कोई और ना सुन सका पर उस नर्स को जर्मन भाषा नहीं आती थी |
  • अल्बर्ट आइंस्टीन के मरने के बाद उनका दिमाग एक डॉक्टर दुआरा चुरा लिया गया | जिसे की उसने 20 साल एक जार एमी रखा | 

अल्बर्ट आइंस्टीन के  10 प्रसिद्ध  विचार (Thoughts of albert einstein) (Biography Of Albert Einstein in Hindi)

  • इन्सान को यह देखना चाहिए कि क्या है, यह नहीं कि उसके अनुसार क्या होना चाहिए |
  • जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं कि उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की |
  • जब आप एक अच्छी लड़की के साथ बैठे हों तो एक घंटा एक सेकंड के समान लगता है. जब आप धधकते अंगारे पर बैठे हों तो एक सेकंड एक घंटे के समान लगता है यही सापेक्षता है |
  • कल्पना ज्ञान से ज्यादा महत्वपूर्ण है |
  • हर कोई जीनियस है. लेकिन अगर आप एक मछली को उसके पेड़ पे चढ़ने की काबिलियत के हिसाब से आंकेंगे तो वो पूरी उम्र यही सोच कर जियेगी कि वो मूर्ख है |
  • शिक्षा वो है जो स्कूल में सिखाई गयी चीजों को भूल जाने के बाद बचती है |
  • एक प्रश्न जो मुझे कभी-कभार उलझा देता है: क्या मैं पागल हूँ या बाकी लोग पागल हैं ?
  • जैसे ही आप सीखना बंद कर देते हैं, आप मरना शुरू कर देते हैं |
  • आप कभी फेल नहीं होते, जब तक आप प्रयास करना नहीं छोड़ देते |
  • ज्ञान का एक मात्र स्रोत अनुभव है |

अल्बर्ट आइंस्टीन के बारे में सब कुछ – (Short Biography)(Biography Of Albert Einstein in Hindi)

  • Full Name- Albert Hermann Einstein
  • Nickname- The Dopey One, Genius
  • Profession- Physicist, Mathematician, Teacher, Inventor, Philospher ,Author
  • Weight- 70kg
  • Height- 5ft 7in
  • Date of Birth- 14 April, 1879
  • Birthplace- Ulm, Germany
  • Date of Death- 17 April, 1955
  • Place of Death- Penn Medicine Princeton Medical Center, New Jersey, United States
  • Death Cause- Abdominal aortic aneurysm
  • Age of Death- 76
  • Zodiac- Pisces
  • Nationality- American, Swiss, German,Weimar, Prussian
  • Hometown- Ulm, Germany,
  • Religion- Judaism; Agnosticism

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Anupjha

hello everyone i'm Anup i start my new career as blogger in 2020 i hope that you'll like my blog post. i want to say that i'll try to my best to get more information about my posts. thanks

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