Biography of Mahatma Gandhi in Hindi 2020

Biography of Mahatma Gandhi in Hindi 2020

Biography of Mahatma Gandhi

जानिए गाँधी जी के बारे में सब कुछ जल्दी से (Very Short Biography of Mahatma Gandhi) –

नाम मोहनदास करमचंद गांधी
पिता का नाम करमचंद गांधी
माता का नाम पुतलीबाई
जन्म दिनांक 2 अक्टूबर, 1869
जन्म स्थान गुजरात के पोरबंदर क्षेत्र में
राष्ट्रीयता भारतीय
शिक्षा बैरिस्टर
लम्बाई – 5ft 5inch
वजन – 58 kg
राशि – तुला
पत्नि कस्तूरबाई माखंजी कपाड़िया
संतान 4 पुत्र -: हरिलाल, मणिलाल, रामदास, देवदास
मृत्यु 30 जनवरी 1948

आज हमारा देश आजाद है , तो हम आजाद है | और इस आजादी को दिलाने में जिसने सबसे बड़ी भूमिका निभाई वो थे महात्मा गाँधी  | जिन्हे हम देश का राष्ट्रपिता भी कहते है | ये नाम उन्हें  सबसे पहले सुभाष चंद्र बोसे ने रेडियो पे भारत को सन्देश देते समय कहा था | तभी से उन्हें देश के  राष्ट्रपिता के नाम से भी जाना जाने लगा |

गाँधी को गाली क्यों ? मेरे विचार

आज कई युवा और तो कुछ बड़े-बूढ़े भी गाँधी को गलत कहते है | पता नहीं क्यों पर शायद उन्हें आजादी पसंद नहीं आयी |ये वही लोग है , जिन्हे अंग्रेजी हुकूमत पसंद थी | इन्हे देश से पहले खुदकी परछाई दिखाई देती है | मैं ऐसा क्यों कह रहा हूँ? क्युकी आपने  कभी गौर किया होगा , तो लोग बापू के अहिंसा वाले और बटवारे के खिलाफ बिना उसका मकशद जाने , उनको गली तक देते है | यहाँ मैं आपको उनके अहिंसा वाले रवैये के बारे कुछ बताना चाहूंगा की , उन्होंने अहिंसा का रवैया क्यों अपनाया था ? क्युकी उन्हें हमेशा से ये पता था की देश सिर्फ हिन्सा से आजाद नहीं हो सकता है , इसका कोई सबूत है ? हां है , इतिहास को पलटो और देखो गाँधी से पहले सभी हिंसा के मार्ग पे चलते थे , क्या देश उस से आजाद हुआ? नहीं ना , और तो और उन्हें ये भी पता था की अंग्रेज सिर्फ हिन्सा से देश को आजाद नहीं करेंगे |

इसीलिए उन्होंने अहिंसा का मार्ग  चुना क्युकी अंग्रेज अब दोनों का सामना नहीं कर पाएंगे? अहिंसा का मार्ग बड़ा ही कठोर था  | यहाँ मैं उन लोगो के बारे कहना चाहूंगा की जो लोग गाँधी जी को गाली देते है ,ना ? शायद आप ये नहीं जानते की गाँधी ने जितनी लाठी खाई , शायद आप हम उस लाठी को खाने के बाद बचे भी नहीं |

गाँधी एक बहुत पढ़े-लिखे वकील थे , वो चाहते तो आराम से अपनी पूरी जिंदगी बिता सकते थे | पर नहीं उन्होंने देश के बारे में सोचा और आजादी की लड़ाई में जुट गए |  यहाँ में एक सवाल आप लोगो से पूछना चाहूंगा की , क्या आपको लगता है की गाँधी जी के बिना हमे आजादी मिल जाती ? कमेंट करके हमे बताये |

तो चलिए जानते है राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के बारे में –

प्रारंभिक जीवन और उनकी शादी –

गाँधी जी का जन्म 2 अक्टूबर , 1869 को गुजरात के एक क्षेत्र पोरबंदर में हुआ | उनके पिता का नाम श्री करमचंद गाँधी , जोकि अंग्रेजी हुकूमत में पोरबंदर के दीवान थे | वही उनकी माता जी का नाम पुतलीबाई था , जोकि करमचंद गाँधी जी की चौथी पत्नी थी तथा  एक धार्मिक महिला थी | गाँधी जी को अहिंसा का पाठ सबसे पहले उनकी माता जी ने ही सिखाया | 

गाँधी जी अपने परिवार के 3 भाइयो में सबसे छोटे भाई थे | सबसे छोटे होने के नाते , उन्हें घर में सबसे ज्यादा प्यार मिलता था | गाँधी जी बचपन से ही अपनी माँ के विचारो से प्रभावित होते थे , तथा उन्ही की दी गयी शिक्षा से उन्होंने अपना बचपन बिताया | उसके बाद मात्र 13 साल की उम्र में उनकी शादी कस्तूरबा माखनजी नाम की लड़की से कर दी गयी ,  जहा कस्तूरबा बाई खुद 14 साल की थी | गाँधी जी शुरआत में इस शादी से खुश नहीं थे  |

Biography of Mahatma Gandhi
Source:-Facebook\Google

उनकी शिक्षा और साउथ अफ्रीका में मिला अपमान-

उसके बाद साल 1887 , के नवंबर में उन्होंने मेट्रिक की परीक्षा पास की और उनके बाद जनुअरी , 1888 में उन्होंने भावनगर के सामलदास कॉलेज में दाखिला लिया था और यहाँ से डिग्री प्राप्त की. इसके बाद वे लंदन गये और वहाँ से बेरिस्टर बनकर लौटे | भारत आने के बाद वह यहाँ वकालत करने लगे , पर यहाँ वह सफल नहीं हो पाए | इसके बाद उन्हें 1894 में साउथ अफ्रीका से किसी कानूनी विवाद के लिए बुलाया जाता है |

जहा फिर वह वहा पे हो रहे अंग्रेजो के अत्याचारों को देख देंग रह जाते है | यहाँ एक किस्सा भी है जोकि अपने बचपन में अपने स्कूल की किताबो में पढ़ा होगा | दरअशल एक गाँधी जी साउथ अफ्रीका में किसी दूसरे शहर जा रहे होते है , पर वह फर्स्ट क्लास में बैठ जाते है | इसी पे कुछ अंग्रेज उन्हें लात मारकर वह से निकाल देते है | ये बात गाँधी जी को बहुत बुरी लगती है ,जिसके बाद से वह , वहा के लोगो पर हो रहे अत्याचारों को मिटाने में जुट जाते है |

करीबन 20 साल तक वहा रखकर वहा लड़ते है |  हां पर वहा भी अहिंसा का मार्ग अपनाते है | उसके बाद भारत में भी उनका नाम हो जाता है , जिसके चलते उन्हें गोपाल सिंह गोखले का एक पत्र मिलता है , जिसमें की उन्हें भारत आकर यहाँ अंग्रेजो के खिलाफ आवाज उठाने को कहा जाता है | गाँधी जी भी भारतीओ पर हो रहे अत्यचार के खिलाफ अपनी आवाज उठाने भारत आ जाते है |  जिसके बाद सबसे पहले वह एक संत का भेष धारण करते है | और वही से अपनी लड़ाई की शुरआत करते कई सालो और कई आंदोलनों को पूरा करते हुए वह देश को आजाद दिलाते है |

चंपारन और खेड़ा सत्याग्रह  आंदोलन –

यह आंदोलन  1918 में चलाया गया | इसका मुख्य उदेश ये था की भारत के किसानो को नील की पैदावार करने पार मजबूर किया जा रहा था और तो और उन्हें एक छोटे दामों में इसे बेचने के लिए भी विवश किया जाने लगा | जिसके बाद ये आंदोलन हुआ और इस आंदोलन को गाँधी जी का पहला आंदोलन भी कहा जाता है | इस आंदोलन के बाद ही किसानो ने गाँधी जी का साथ देना शुरू किया |

इसके बाद शुरू हुआ  खेड़ा सत्याग्रह आंदोलन | ये आंदोलन तब शुरू हुआ जब खेडा नाम के गांव में बाढ़ आया और इसके बाद वहा के  किसान अंग्रेजो को कर देने में असक्षम हो गए | लेकिन अंग्रेजो ने उनसे कर लाना नहीं छोड़ जिसके बाद से ही गाँधी जी ने ये आंदोलन किया और फिर अंग्रेजो को इस आंदोलन के आगे झुकना पड़ा | यही से किसानो को कर में छूट मिलने लगे |

असहयोग आंदोलन – Biography of Mahatma Gandhi

ये आंदोलन 1920 में शुरू हुआ , जब अंगेजी हुकूमत के एक सिपाही जर्नल डायर ने जल्लिया वाला बाग़  में कई हज़ारो लोगो के ऊपर गोली चला दी और उसके बाद  से ही गाँधी जी ने ये असहयोग आंदोलन शुरू किया , जिसका की मकशद  भारतीयों द्वारा अंग्रेजी सरकार की किसी भी प्रकार से सहायता ना की जाये |

परन्तु इसमें किसी भी तरह की हिंसा नहीं हो. ये आंदोलन इतना पॉपुलर हुआ की सभी देशवाशी अब आजादी के सपने देखने लगे थे , की तभी कुछ सालो बाद देश में चौरा-चौरी कांड हो गया | इस कांड में हुआ यु की उत्तर प्रदेश के राज्य में चौरा-चौरी नामक स्थल पर कुछ लोग शांतिपूर्ण ये आंदोलन कर रहे थे की तभी कुछ अंग्रेजी सेना के लोगो ने उन पर गोली चला दी , जिसमे की कुछ लोगो की मौत हो गई |

इसके बाद लोगो ने वहा के पुलिस स्टेशन में आग लगा दी और 22 पुलिस कर्मिओ की हत्या कर दी गई | जिससे नाराज होकर गाँधी जी ने अपना ये आंदोलन वापिस ले लिया था |

महात्मा गांधी जो  भी आंदोलन करते , उन सभी में कुछ बातें एक सी ही होती थी,  जो कुछ इस प्रकार है  –

ये आंदोलन हमेशा शांतिपूर्ण ढंग से चलाये जाते थे.

आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा वाली  गतिविधि होने पर गांधीजी द्वारा वह आंदोलन रद्द कर दिया जाता था. शायद एक कारण ये भी था  कि हमें आज़ादी कुछ देर से मिली.

आंदोलन हमेशा सत्य और अहिंसा की नींव पर किये जाते थे.

ऐसे बहुत से आंदोलन गाँधी जी ने और किये , उन्होंने अंग्रेजो को उन्ही की जुबानी जबाब देना शुरू किया | एक वही थे जिन्होंने अंग्रेजो के “Divide and Rule” को समझा और उसे थोड़ा भी |

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गाँधी जी को क्यों मारा नाथूराम गोडसे ने ? Biography of Mahatma Gandhi

30 जनवरी साल  1948 को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी . उन्हें 3 गोलियां मारी गयी थी और उनके मुँह से निकले अंतिम शब्द थे -: ‘हे राम’. उनकी मृत्यु के बाद दिल्ली में राज घाट पर उनका समाधी स्थल बनाया गया हैं. लेकिन क्या आप जानते है की उनकी मृत्यु के 10 पहले भी उन पर बम्ब फेककर उनकी हत्या करने का प्रयास किया था |

  जी हां , 20 जनुअरी , 1948 के  शाम बापू अपने स्थल पर प्राथना करके लोगो को प्रवचन दे रहे थे की तभी एक धमाका  हुआ , जिसके बाद वहा भगदड़ मच गया | पर बापू के चेहरे पर जारा सा भी डर  नहीं था | और बापू अपने प्रवचन में लीन सबको प्रवचन दे रहे थे | दरअशल बापू नहीं चाहते थे की जो उनसे मिलने आये उसकी तलाशी हो , इसीलिए उन्होंने सरकार से मिलने वाली अपनी सुरक्षा लेने से साफ़ इंकार कर दिया था | अब बात की  नाथूराम गोडसे ने गाँधी को मारा?

नाथूराम गोडसे  सुने- click here Biography of Mahatma Gandhi

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आखिर नोट पर गाँधी जी ही क्यों ? चलिए जानते है – Biography of Mahatma Gandhi

दरअशल बीते कुछ सालो में नोटों पर कई बदलाव किये गए है | पर एक चीज जो नोट में नहीं बदली वो है गाँधी जी की तस्वीर , जिस वजह हमेशा एक जिज्ञासा रहती है की आखिर गाँधी जी की ये फोटो किस ने ली और गाँधी जी नोट पे कब से आने लगे | तो आपको बता दे की 1969 में सबसे पहले उनकी फोटो नोटों पर आयी |

ये उनके 100वें जंयती पर हुआ था | तब मत्र 10 और 5 के नोटों पर ही उनकी तस्वीरें आती थी | पहले उनके फोटो के पीछे सेवाग्राम आश्रम था | ये फोटो 1946 को वायसराय हाउस , जोकि अब राष्ट्रपति भवन है , वहा ली गयी थी | जिस फोटोग्राफर ने ये फोटो ली थी आज तक उसके बारे में कोई जानाकरी नहीं मिली है |

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पहले के नाटो पर यानि गाँधी जी से पहले अशोक स्तंभ होते थे | और उससे भी पहले किंग जॉर्ज की तस्वीर होती थी | जोकि 1949 तक नोटों पर उपयोग की गई थी , और उसके बाद अशोक स्तंभ आया | लेकिन फिर 1996 से सभी नोटों पर गाँधी जी की तस्वीरें आने लगी |

गाँधी जी के बारे में कुछ इंटरेस्टिंग फैक्ट्स – Biography of Mahatma Gandhi

  • गाँधी जी ने हमेशा हिन्दू – मुस्लिम को एक करने की कोशिश की |
  • गाँधी जी जब देश का बटवारा की तब उन्होंने कहा था की ” काश आज मेरे बेटा सुभाष चंद्र बोस जिन्दा होता , तो वो ये सब नहीं होने देता ” |
  • गाँधी जी को राष्ट्रपिता का नाम का सरकार ने नहीं बल्कि सुभाष चंद्र बोस  ने दिया था |
  • गाँधी जी ने जब अपना असहयोग आंदोलन वापिस लिया तो भगत सिंह उनसे काफी नाराज हो गए |
  • गाँधी जी ने साउथ अफ्रीका के लोगो के लिए भी अंग्रेजो से लड़ाई की है |
  • गाँधी जी एक मान्साहारी व्यक्ति थे |
  • गांधी जी की मातृ-भाषा गुजराती थी।
  • गांधी जी ने अल्फ्रेड हाई स्कूल, राजकोट से पढ़ाई की थी।
  • गांधी जी के जन्मदिन को अहिंसा दिवस के रूप में पुरे दुनिया में मनाया जाता है ।
  • गाँधी जी विचारो से ही साउथ अफ्रीका और अमेरिका के बड़े नेताओ ने विजय पाई , और वो नेता थे  मंडेला और मार्टिन लूथर जूनियर किंग |
  • गाँधी जी के दो भाई और एक बहन भी थी |
  • गांधी जी की हत्या बिरला भवन के बगीचे में हुई थी।
  • गांधी जी का जन्म शुक्रवार को हुआ था, भारत को स्वतंत्रता शुक्रवार को ही मिली थी तथा गांधी जी की हत्या भी शुक्रवार को ही हुई थी।
  • गाँधी जी कभी प्लेन में नहीं बैठे |
  • गाँधी जी अपना पहला केस हार गए थे |
  • गाँधी जी को अपनी फोटो खिचवाना बिलकुल भी पसंद नहीं था |
  • गाँधी जी की शवयात्रा में करीब दस लाख लोग साथ चल रहे थे और 15 लाख से ज्यादा लोग रास्ते में खड़े हुए थे।
  • गाँधी जी को 1930 में अमेरिका के एक मागज़ीने में “Man of the year” से सम्मानित किया गया था | पर हां, वह अपने पुरे जीवन काल में कभी अमेरिका नहीं गए |
  • गाँधी जी के नाम देश में 48 सड़के है , और वही विदेश में 53 सड़के है |
  • गाँधी जी ने 1934 में भागलपुर में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए उन्होंने अपने ऑटोग्राफ के लिए पांच-पांच रुपये की राशि ली थी।

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Note- Happy Gandhi Jayanti

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Anupjha

hello everyone i'm Anup i start my new career as blogger in 2020 i hope that you'll like my blog post. i want to say that i'll try to my best to get more information about my posts. thanks

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