Communication Skill in Hindi | लोगो से बात करने के 21 नियम जाने
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Communication Skill in Hindi | लोगो से बात करने के 21 नियम जाने

Communication Skill in Hindi

हेलो ! कैसे हो फ्यूचर के सुपरस्टारों आशा करता हु अच्छे होंगे और लॉकडाउन का पालन कर रहे होंगे |

निवेदन :- घर पर रहे सुरक्षित रहे |

communication skill in hindi
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Communication Skill एक ऐसी स्किल जिसकी डिमांड आज दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है | ये स्किल आज हर फील्ड में इतनी ज्यादा महत्वपूर्ण की आप इसके बिना इसी भी अच्छे पोस्ट पर ज्यादा दिन तक रह ही नहीं सकते है | यहाँ तक ये स्किल आपके जीवन में काफी महत्वपूर्ण काम करती है |

फिर वो चाहे आपका परिवार हो , दोस्त हो , पारिवारिक रिश्ते हो या फिर आपके बॉस से आपका रिलेशन ही क्यों ना हो | ये स्किल आपको आपके जीवन में काफी आगे तक ले जाएगी , आपकी बढ़ोतरी में एक अहम् भूमिका निभाएगी , ये आपको खुश रहना सिखाएगी |

ना सिर्फ आप इस स्किल को सिख अपने जीवन में आगे बढ़ेंगे बल्कि औरो को भी आगे बढ़ाएंगे | तो चलिए जानते है Communication Skill के वो टिप्स जिससे की आप उसे सिख अपने जीवन में आगे बढ़ सके | और ये टिप्स कोई आम टिप्स नहीं होंगे बल्कि ये कई सालो की मेहनत और अनुभवों से मिले है | ये सारे टिप्स हम आपको लोक व्यवहार की किताब से बता रहे  है  जिसको की एलेन और बारबरा पींज ने प्रकाशित किया है |

हम उनका धन्यवाद करते इतनी सुन्दर किताब को लिखने के लिए | इन सारे टिप्स को जानकार और उन्हें अपने लाइफ में उतार कर आप भी हैरान हो जायेंगे की अब आप दुसरो से बात करने से बिल्कुल भी नहीं डरते बल्कि अब तो आप उनका दिल भी जीत लेते है |

Communication Skill  क्या होती है ? (What is communication skill?)

 आम भाषा में कहे तो जब दो या दो से अधिक लोग आपस में बात करे जिसमें की वह अपने IDEAS, FEELINGS ,INFORMATION या EXPERIENCE को शेयर करते है उसे ही कम्युनसेशन कहते है | जिसे आगे आप सिख-सिख कर सभी लोगो से बातचित की कला में निपूर्ण हो जाते वही Communication Skill कहलाती है |

तो चलिए एक एक करके सभी कम्युनिकेशन स्किल के टिप्स को जानते है |

1. आप दुसरो के साथ जैसा  व्यवहार करेंगे वैसा  ही वह आपके साथ भी करेंगे – इसे एक उदहारण से समझते है , एक बार एक मुसाफिर मुंबई से दिल्ली जा रहा होता है | तो वह दिल्ली पहुंचने से पहले एक चाय की दूकान पे रुकता है |

जहा वह उस  दूकान वाले से ये पूछता है की ” अरे ! भाई ये बताना की दिल्ली के लोग कैसे है ? मतलब उनका व्यवहार कैसे है ? वह दुसरो के साथ कैसा पेश आते है ?

इन सभी सवालों को सुन वह दूकान वाला उस मुसाफिर से पूछता है की ” मुंबई के लोग कैसे थे ?”  इसपर वह मुसाफिर ये कहता है की ” वहा के लोग बड़े की बेकार , दुष्ट , खुदगर्ज और मतलबी थे ” ये सुनकर फिर दूकान वाला उस मुसफिर से ये कहता है की ” फिर तो आपको यहाँ भी वैसे ही लोग मिलेंगे जैसे की मुंबई में मिले थे ” मुसाफिर ये सुन बहुत निराश हो जाता है  |

की तभी वहा  से एक और मुसाफिर गुजर रहा होता है , वह भी मुंबई से दिल्ली की  ओर जा रहा होता है | वह भी उसी चाय वाले के पास रुक कर यही पूछता है की बताओ दिल्ली के लोग कैसे है |

  इसपर वह चाय वाला फिर से  वही सवाल पूछता है की “मुंबई के लोग कैसे थे ?”तो वह दूसरा मुसफिर फिर यह कहता है की ” वहा के लोग तो बड़े दयालु , अच्छे , सभी का साथ निभाने वाले इंसान थे ” ये सुन चाय वाला फिर ये कहता की ” फिर तो यहाँ भी आपको ऐसे ही लोग मिलेंगे ” |

तो ये एक उदहारण है जिससे की आप ये समझ सकते है की कैसे पहले  मुसफिर को मुंबई को लोग अच्छे नहीं लगे और वही दूसरे मुसफिर को मुंबई के लोग बड़े ही अच्छे लगे | आप जैसे व्यवहार की कामना दुसरो से करते है ठीक वैसा ही व्यवहार दुसरो के साथ कीजिये |

2. दुसरो को ये बातये की वह महत्वपूर्ण है – मनाव स्वभाव की सबसे बड़ी जरूरत खुद को महत्वपूर्ण अनुभव करना , सम्मान पाना और प्रशंसा पाना है | आप जब भी किसी से बात करे तो उन्हें ऐसा अनुभव करए की वह आपके लिए महत्वपूर्ण है | फिर चाहे वह आपसे छोटा हो या बड़ा हो आपको बस उनको महत्वपूर्ण अनुभव करना है |

3. लोगो की मूल रूचि खुद में होती है – दूसरे आपमें जितनी ज्यादा रूचि रखते है , उससे ज्यादा रूचि वह खुद में रखते है | आप खुद इसे अपने ऊपर लेकर देख सकते है की जब आप किसी से बात करते है तो आप सबसे ज्यादा उसे ही पसंद करते है जिसे आप में ज्यादा रूचि हो | ना की  खुद में ज्यादा रूचि हो | तो इसका मतलब की हम खुद के बारे में बात ना करे , ऐसा बिलकुल ना सोचे आप जब भी किसी से बात करे तो आपने बारे में कम और दुसरो के बारे में ज्यादा बात करे | और शुरआती बातचीत में तो इसे जरूर करे |

“सम्मान और सराहना करके लोगो को महत्वपूर्ण महसूस कराने का अभ्यास तीस दोनों तक हर रोज करेंगे , तो यह आपकी स्थायी आदत बन जाएगी | “

4. लोगो को महत्वपूर्ण अनुभव कैसे कराये ? – Communication Skill in Hindi

1.सच्ची प्रशंसा करके आप उनको महत्वपूर्ण अनुभव करा सकते है | सच्ची प्रशंसा कैसे करे ? तो आप उनमें कोई भी एक छोटा सा गुण खोजे जिससे की आप उनकी सच्ची तारीफ़ कर सके |  और हां , बिलकुल भी चापलूसी ना करे ,इससे आप अपने कम्युनसेशन को बिगाड़ दोगे | अगर कोई गुण न मिले तो आप उनके अनुभवों का सम्मान करे |
2. लोगो के नाम का उपयोग करे | ऐसे क्यों ? क्युकी लोगो को उनका नाम सुनकर काफी सुकून मिलता है जिससे की आप और उनके बीच एक बहुत ही अच्छा रिश्ता बनता है | हां पर एक बात ध्यान रहे की अपने से सीनियर के साथ ऐसा ना करे , मनो की आप अपने बॉस के साथ ही ऐसा करने लगे तो इससे आपका बॉस आपसे बड़ा नाराज हो जायेगा और आपको आपकी इस गलती की सजा भी दे सकता है |
3. प्रशंसा को स्वीकार करे | यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना की किसी की प्रशंसा करना है | जब भी कोई आपकी प्रशना करे तो उसे उसके नाम के साथ धन्यवाद दे जिससे की वह आपकी और भी प्रशसा करना चाहे और आप दोनों के बीच एक मजबूत कम्युनिकेशन हो पाए |

5. लोगो की बातो को सुने , जिससे की लोगो को लगे की आप उनमें दिलचस्पी ले रहे हो | और वह आपके साथ आगे भी बात करने के लिए उत्साहित हो |

6. बीच में ना टोके ,यह कई बड़े-बड़े कम्यूनिकेटर करते है की वह दुसरो की बातो को काट पहले अपनी बात रखना चाहते है | जिससे की कम्युनिकेशन बिल्कुल ही बिगड़ जाता है और एक अच्छा कम्युनिकेशन होते होते रह जाता है | आपने कई बार गौर किया होंगे की बड़े-बड़े लोग कभी भी किसी से बात करते टाइम उनको बीच में नहीं टोकते है यह इसीलिए क्युकी वह एक गुड कम्यूनिकेटर होते है |

7. सामने वाले से नज़ारे मिले , यह आपके ईमानदारी को दर्शाती है | जब आप सामने वाले से नज़ारे मिलते है तब वह यह समझता है की आपके मन में कोई चोर नहीं है या वह यह समझते है की आप एक विश्वास से भरे हुए  इंसान है | नजरे मिलते हुए शुरू में आपको दिक्कत हो सकती है | पर हम आपको कुछ टिप्स दे रहे है जिससे की आप इस दिक्कत को दूर कर सके |  आप सबसे पहले शीशे में खुद से नजरे मिलये , आप सिर्फ 3 से 4 सेकंड तक ही आँखों में देखे उसके बाद 2 सेकंड आप उनके नाक को देखे और फिर ऐसे ही करते रहे 3 सेकंड आँखों को और 2 सेकंड नाक को , जिससे की आपको दुसरो से नज़ारे मिलते वक़्त डर नहीं लगेगा और आप एक आत्मविश्वासी व्यक्ति लगोगे |

8. सुनते समय सामने वाले की तरफ थोड़ा सा झुके जिससे की वह यह समझ सके की आपको उनके साथ बात करने में रूचि महसूस होती है |

9. बातो के बीच में इन शब्दों का प्रयोग करे – अच्छा, हूँ, और , सचमुच ,क्या बात कह रहे हो , फिर क्या हुआ ? वो भी उत्साहित होकर उनसे कहे |

10. सामने वाले को ध्यानवाद देते समय छुए जिनसे की वह आपके ऊपर विश्वास कर पाए | आप उनको ध्यानवाद देते समय आप उनके हाथ की कोहनी छू सकते है | विश्वास करे ये बहुत काम करता है |

11. लोगो के नाम याद रखे जिससे की वह आपको अपना दोस्त समझ सके और वह आपके साथ कनेक्ट हो पाए | बात करते समय आप 2 से 3 बार उनका नाम बोले जिससे की जब आप किसी नए इंसान से बात करे तो आपको उस इंसान का नाम याद हो जाये |

12. दुसरो में दिलचस्पी ले और उन्हें अपने और अपनी रुचियों के बारे में बाते करने के लिए प्रोत्साहित करे |

13. अपनी डिक्शनरी में से मैं और मेरा शब्द हटा दे और इनकी जगह आप और आपका  शब्द इस्तमाल करे |

14. सिर्फ सवाल पूछे , ताकि वे आपने बारे में बोल सके | और हां , सिंपल सवाल पूछे जैसे की उनके रूचि के बारे में या जहा आप उनसे बात कर रहे है उसी के रिलेटेड सवाल पूछे |

15. बातचीत कैसे शुरू करे – Communication Skill in Hindi

1. स्थिति के बारे में बात करना जैसे की आप जिस  जगह दुसरो से बात कर रहे है क्या आप उस से रिलेटेड कुछ सवाल पूछ सकते है |आप छोटे छोटे सवाल पूछे |

2. सामने वाले व्यक्ति के बारे में बात करना – लोगो को खुद के बारे में बात करना बहुत अच्छा लगता है और आप उनके  बारे में जो सवाल पूछते है , उसका जवाब देने में उन्हें ख़ुशी होती है | एक उदहारण से समझते है इसे –

” आपकी जैकेट बड़ी अच्छी लग रही है , कहा से लिया आपने ” ऐसे फिर आप बातचित शुरू कर सकते  है |

3. खुद के बारे में बात करना – पर एक बात याद रहे की जब तक लोग आपके बारे में ना पूछे आप अपने बारे में ना बोले |

16. बातचीत को जारी कैसे रखे ? – तो इसका एक सरल सा उपाय ये  की आप उनके आखिर के कुछ शब्दों  पर ध्यान दे और फिर उस से मिलता जुलता एक सवाल पूछे | एक उदहारण से समझते है इसे –

आप क्या काम  करते है ? सवाल

जी ! मैं एक इंजीनियर हु |  जवाब

यहाँ आपको एक शब्द चुनना है , जैसे की इंजीनियर और फिर उसे जुड़ा कोई  भी सवाल आप पूछो |

जैसे की , आपने इंजीनियरिंग कौन से कॉलेज  से की है ? सवाल

मैंने xyz कॉलेज से इंजीनियरिंग की है | जवाब

अच्छा, तो ये कॉलेज कहा है ? सवाल

ये कॉलेज दिल्ली में है | जवाब

दिल्ली मैंने तो बहुत से कॉलेज है कुछ कॉलेजो के बारे में बताये ? सवाल

ऐसे आप किसी से भी कितनी ही देर बात कर  सकते है |

17.बहस से हमेशा बचे रहे जिससे की आपके और दूसरे किसी व्यक्ति के बीच हमेशा एक अच्छा रिश्ता बना रहे |

18. आलोचना या फटकार कैसे लगाएं ? Communication Skill in Hindi

जाहिर सी बात है की आप हमेशा किसी को सिर्फ और सिर्फ अच्छे शब्द ही तो नहीं बोलोगे , जिससे की वह गलती करे तो उसे ये अहसास ही ना रहे की आप उसे फाटकार भी लगा सकते है | इसीलिए किसी को भी जब आप फटकार या उसकी आलोचना करे तो इसके लिए हम आपको कुछ टिप्स दे रहे है |

1. सैंडविच तकनीक का उपयोग करे , ये सैंडविच तकनीक क्या है ? तो ये तकनीक बिलकुल अपने नाम की तरह ही है , की जब भी आप किसी को फटकारे तो पहले उसकी थोड़ी प्रशंसा करे और फिर उसे उसकी गलती का अहसास कराए और फिर अंत में उसकी फिर से तारीफ कर दे जिससे की उसे अपनी गलती का अहसास अच्छे से हो |

2. व्यक्ति की नहीं बल्कि काम की आलोचना करे | किसी भी  व्यक्ति की गलती को नहीं बल्कि उसके काम की आलोचना करे और उसे बताये की वह कैसे इसे सही कर सकता है |

3. आलोचना  हमेशा अकेले में करे – जिससे की उसे लगे की आप उसे एक दोस्त की तरह ही सलाह दे रहे है और फिर वह उस आलोचना का निवारण कर आपको अच्छे रिजल्ट भी देगा |

ये तकनीके ज्यादातर ऑफिस में मौजूद लीडर्स करते है |

19. सामने वाले के साथ मैचिंग करे – अब ये क्या है ? तो मैचिंग का  मतलब की आप जिसके साथ बात कर रहे है , आप उनमे और अपने में वह सभी चीजों को मैच करे जिससे की आप दोनों में एक अच्छा रिश्ता  बन सके | जैसे की आपको क्रिकेट खेलना पसंद हो , और जिसके साथ आप बात कर रहे है उसे भी क्रिकेट खेलना है तो अब आप उसके साथ उसी टॉपिक पे बात करे जिससे की आप दोनों के बीच काफी देर तक बात हो सके | आप मूड की मैचिंग भी करे , जैसे की अगर वह खुश है तो आप उससे दुखी होकर बात ना करे बल्कि उसी के मूड को अपना मूड बना कर वैसे ही बात करे |

20. सामने वाले के बोलने की गति की बराबरी करे – जैसे की आप जिस से बात कर रहे है वह बहुत धीमे बात करता है , तो आप भी उसी की तरह ही बात करे |

21. लोगो की एक हेल्प करे – जिससे की वह आपको भूल ना सके | पर हां, बिना पूछे  हेल्प ना करे इससे वह बुरा भी मान सकते है |

 

आशा करते है की आपको ये सारे टिप्स पसंद आया हो और अगर आया है तो कृपया हमे एक कमेंट जरूर करे और अगर कुछ कमी रह गयी हो तो भी आप हमे बताये क्युकी आपका एक कमेंट हमारे लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है | थैंक्स Communication Skill in Hindi पढ़ने के लिए


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Anupjha

hello everyone i'm Anup i start my new career as blogger in 2020 i hope that you'll like my blog post. i want to say that i'll try to my best to get more information about my posts. thanks

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