धीरुभाई अम्बानी के वो 5 राज़ जिसे जानकार आप भी सफल हो सकते हो | Dhirubhai Ambani Biography In Hindi

धीरुभाई अम्बानी के वो 5 राज़ जिसे जानकार आप भी सफल हो सकते हो | Dhirubhai Ambani Biography In Hindi

Dhirubhai Ambani Biography In Hindi

नमस्कार दोस्तों ! कहते है की जो सपने देखने की हिम्मत रखते है वो पूरी दुनिया जीत लेते है , वाकई ये बात बिल्कुल सौ प्रतिशत सत्य है | और आज के इस आर्टिकल में आपको इसका प्रमाण भी मिलेगा | जहा आज हम ये जानेगे की कैसे गुजरात के गरीब परिवार का ये लड़का भारत का सबसे बड़ा उद्योगपति बन गया | कैसे सिर्फ दसवीं पास  ये लड़का भारत के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लेता है | और न केवल भारत तक ही ये अपना उद्योग सिमित रखता है बल्कि , भारत के बाहर भी इनका उद्योग साम्राज्य अपनी जगह बना लेता है | साथ ही भारत की सबसे बड़ी कंपनी को खड़ा कर ये शक्श भारत के इतिहास में हमेशा-हमेशा के लिए अमर हो जाता है | और जो एक बात इन्हे सबसे सफल बनाती है , वो ये है की इनका मन्ना है की अमीर बनने के लिए ज्यादा पढ़े-लिखे होने की जरूरत नहीं है क्युकी ये खुद सिर्फ दसवी पास है बस  |  और  इन्होने  न सिर्फ अपने उद्योग से बल्कि अपनी सोच से भी इन्होने  ढेरो भारतीयों को प्रेणना दी है | जी हां , हम बात कर रहे है आजाद भारत के महान उद्योगपतियों में से एक श्री धीरूभाई अम्बानी की , जिनका की असली नाम दिरजलाल हीराचंद अम्बानी है | इन्होने आज के भारत का सपना काफी वर्षो पहले ही देख लिया था |  तो ऐसे ही दूर-दर्शी उद्योगपति के संस्थापक श्री धीरूभाई अम्बानी जी की बायोग्राफी आज हम पढ़ने जा रहे है | जोकि बहुत ही दिलचस्प और प्रेणनादायक होने वाली है | जिस वजह से अब ज्यादा देरी करना सही नहीं होगा तो शुरू करते है Dhirubhai Ambani Biography In Hindi को | जहा आप उनके शुरआत जीवन से उनके अंतिम साँस तक का सफर जानोगे और साथ ही आपको उनके वो 5 सीक्रेट पता चलेंगे , जिनसे की आप भी एक सफल उद्योगपति बन सकते हो |

शुरआती जीवन और परिवार (Dhirubhai Ambani starting life and family)

धीरजलाल हीराचंद अम्बानी जिन्हे पूरी दुनिया धीरूभाई अम्बानी और रिलायंस उद्योग के संस्थापक के नाम से जानती है | इनका जन्म 28 दिसंबर 1932 को गुजरात के जूनागढ़ के पास एक छोटे से गांव चोरवाड़ा में हुआ | ये एक बेहद ही साधारण परिवार में जन्मे अपने माता-पिता के तीसरे बच्चे थे | साथ ही इनके पिता श्री  हीराचंद गोर्धन भाई अम्बानी जोकि चोरवाड़ा गांव के ही स्कूल के एक शिक्षक हुआ करते थे | और वही इनकी माता श्रीमती जमनाबेन जी एक ग्रहणी के रूप में अपने परिवार का देख-रेख किया करती थी |  और जहा तक बात धीरूभाई के भाई-बहनो की करे तो हमे पता चलेगा की इनके दो बड़े भाई और दो छोटी बहने है , जिनके नाम कुछ इस प्रकार से है रमणिकलाल , नटवरलाल , त्रिलोचना और जसुमतीबेन , ये इनके भाई बहनो के नाम है |धीरूभाई अम्बानी का परिवार काफी बड़ा परन्तु काफी गरीब परिवारों में से एक था | ऐसा इसीलिए क्युकी उन्हें कोई भी चीज अगर चाहिए होती थी तो उनको काफी सोच-विमर्श करना पड़ता था फिर जाके वो कोई चीज ले पाते थे |

पढाई  क्यों छोड़ दी धीरूभाई अम्बानी ने ? ( Dhirubhai Ambani Education)

धीरूभाई अम्बानी ने अपनी शुरआती पढाई बहादुर कांजी हाई स्कूल से शुरू की , और क्या आप ये जानते है की धीरूभाई को कैसे बिज़नेस करने का सुझा ? तो इसका एक बड़ा ही दिलचस्प किस्सा हम आपके साथ शेयर करने जा रहे है | बात उन दिनों की है जब धीरूभाई महज छे से सात साल के ही  हुआ करते थे | और जब वो अपने घर से स्कूल जाने के लिए रवाना होते थे तो स्कूल के रास्ते में उन्हें कई सारे दूकान दीखते थे जहा उन्हें दूकान में बैठे सेठजी को देखकर ये सोचते थे की मैं भी अपने जीवन में ऐसा ही कुछ करुगा | यहाँ से  पहली बार उनके जेहन में एक बिजनेसमैन बनने का ख्याल आया | खैर जैसे की उनके पिताजी एक स्कूली मास्टर हुआ करते थे जोकि उन्हें काफी पढ़ना-लिखना चाहते थे | लेकिन धीरूभाई को अपने ही सपनो में रहना अच्छा लगता था | जिस वजह उन्होंने दसवीं कक्षा को उत्तीर्ण करके के पश्चात ही अपनी पढाई को छोड़ देने का फैसला किया | जिसे की उनके पिताजी काफी नजर भी हुए लेकिन उनकी माताजी जोकि धीरूभाई को हमेशा हौसला देती थी , उन्होंने कैसे भी करके उनके पिताजी को मना लिए और फिर उसके बाद , धीरूभाई ने अपना पहला बिज़नेस शुरू किया  जहा वो एक स्कूल के बाहर ही पकोड़े की दूकान लगाया करते थे | जिसे की उन्हें 30 से 40 रूपये की कमाई हो जाया करती थी | यहाँ तक का  सफर उनका स्कूल के दौर तक का रहा आगे जानिए की कैसे उन्होंने कई-सारी कठिनायों का सामना किया ?

Ratan Tata Biography (Click Here)

धीरूभाई अम्बानी का सघर्ष (Dhirubhai Ambani Struggle Story)

धीरूभाई के सघर्ष की कहानी जानने से पहले इस एक लाइन को आपको जरूर याद रखना है , और वो लाइन ये है की ” जिंदगी जीना आसान नहीं होता बिना संघर्ष कोई महान नहीं होता जब तक न पड़े हथोड़े की चोट , पत्थर भी भगवान नहीं होता ”  क्या खूब लिखा है किसी ने , इस लाइन को लिखने के पीछे हमारा सिर्फ ये मकसद था की हर किसी को अपने जीवन में संघर्ष जरूर करना पढता है , और याद रहे जितना बड़ा आपका संघर्ष होगा उतनी ही बड़ी आपकी जीत होगी | खैर अहम् मुद्दे पर बात  करते है , धीरूभाई के संघर्ष का दौर उनके बचपन से ही शुरू हो गया था | जहा उनको सबसे पहले संघर्ष तो उनके पिताजी से करना पड़ा  जोकि उन्हें सिर्फ पढ़ना-लिखना और एक अच्छी सी नौकरी करते देखना चाहते थे | लेकिन धीरूभाई के सपने काफी बड़े थे जिस वजह उन्होंने डांट-फटकार  सुनकर भी कभी अपने सपने को छोटा नहीं किया और आपको ये भी बता दे की धीरूभाई हमेशा ही बड़े लोगो की तरह बाते करते थे , जिसके कारण उनके कई  दोस्त उन्हें पागल भी कह देते थे | और यहाँ तक उनके पिताजी भी उन्हें इतने बड़े सपने देखने से रोक दिया करते थे | लेकिन धीरूभाई कहा रुकने वाले थे , उन्होंने महज 10 साल की उम्र से ही बिज़नेस करना शुरू कर दिया , उसके बाद जैसे-जैसे वो बड़े हुए तो उन्होंने देश से बाहर जाकर नौकरी करने की सोची जिसे की वो काफी पैसे कमा सके , और इसी के चलते वो यमन चले गए |

जहा उनके कुछ रिश्तेदार एक पेट्रोलपम पर काम किया करते थे | और फिर धीरूभाई भी  वही काम करने लगे | वहा उन्हें काफी सारे चनौतियों का सामना करना पड़ा जैसे की उन्हें वहा हमेशा बिमारी से जुजना पड़ता था | और कभी कभी तो  देर रात तक काम भी करना पड़ता था | लेकिन उन्होंने खूब मन लगा कर काम किया और जल्द ही उनकी मेहनत को देखकर उन्हें उस पेट्रोलपंप के मैनेजर ने उसी पेट्रोलपंप का मैनेजर बना दिया | जहा अब उन्हें 300 रूपये महीना के हिसाब से पैसे मिलते थे | लेकिन भले ही वो एक नौकरी कर रहे हो पर उनकी दिली चाहत  हमेशा एक बिज़नेस करने की होती थी |

जिसके चलते धीरूभाई एक किसी आम से रेस्टॉरेंट में चाय न पीकर , वहा के सबसे मेहेंगे रेस्टोरेंट में जाकर चाय पीते थे | क्युकी वहा उस रेस्टोरेंट में काफी बड़े बड़े व्यापारी आया करते थे जिनकी बाते सुनने के लिए धीरूभाई उस होटल या रेस्टॉरेंट में चाय पिया करते थे | सही में  धीरूभाई ये  साबित करते है की अगर आप कम पढ़े-लिखे भी हो तो उनके साथ रहना शुरू कर दो जोकि आपसे ज्यादा समझदार और उचे दर्जे के लोग है क्युकी आप भी उनके साथ रहकर उनके जैसा सोचने लगोगे और सफल हो जाओगे | लेकिन धीरूभाई जब उस पेट्रोलपंप के मैनेजर बन गए तो उन्होंने उस जॉब को छोड़ने का  फैसला किया और वो इंडिया आ गए क्युकी वो अब इंडिया में भी अपना बिज़नेस करना चाहते थे |

Bill Gates Biography (Click Here)

लेकिन क्या आपको पता है की जब धीरूभाई भारत वापिस आये तो उनके जेब में कितने रूपये थे ?  इस प्रश्न का जवाब है की धीरूभाई मात्र 500 रूपये लेकर भारत में बिज़नेस करने आये | जिसे फिर उन्होंने 500 से 25 अरब डॉलर में तब्दील कर दिया | आगे आपको उनकी सफलता के बारे में पता चलेगा |

धीरूभाई अम्बानी के सफलता की कहानी (Dhirubhai Ambani Success Story)

तो जैसे की आपने ये जाना की धीरूभाई महज 500 रूपये लेकर साल 1957 में यमन से भारत में व्यापार करने के लिए आये | जिसके बाद उन्होंने अपने चचरे भाई के साथ मिलकर वर्ष 1960 में रिलायंस कारपोरेशन कंपनी की शुरुआत की जहा धीरूभाई और उनके चचरे भाई चम्पकलाल दामनी सबसे पहले मसाले और फिर आगे चलकर कपडे का बिज़नेस करने लगे | धीरूभाई विदेशो में अपने मसाले बेचा करते और विदेशो से पॉलीस्टर कपडे लेकर यहाँ भारत में बेचा करते थे | यहाँ से  ही धीरूभाई ने बिज़नेस में कदम रखा जिसे बाद अपनी बुद्धि का इस्तिमाल करके उन्होंने रिलायंस के बिज़नेस को पूरी दुनिया में फैला दिया |

और भारत का आधे से ज्यादा मार्किट खुद कैप्चर कर लिया | हालांकि इन सब के बीच भी उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना भी पड़ा कई मार्केटर उनसे नजर हो  गए उन्हें मार्किट से हटा देना चाहते थे | लेकिन ये धीरूभाई ही जिन्होंने अपने सपनो के लिए कभी समझौता नहीं किया वो आगे बढ़ते चले गए | कई लोग धीरूभाई को रिस्क टेकर भी बोला करते है क्युकी धीरूभाई बिज़नेस में बहुत ज्यादा रिस्क लिया करते थे | लेकिन जो उनके पार्टनर थे चम्पकलाल उन्हें बिज़नेस में रिस्क लेना बिलकुल भी पसंद नहीं था जिस वजह आगे चलकर ये दोनों अलग-अलग हो गए | और फिर धीरूभाई अकेले ही रिलायंस का सारा बिज़नेस सँभालने लगे |

और इसी का आज ये नतीजा है की उन्होंने भारत में पेट्रो केमिकल , टेली कम्युनिकेशन , टेक्नोलॉजी , एनर्जी , इलेक्ट्रिसिटी रिटेल टेक्सटाइल , इंफ्रास्ट्रक्चर  और लोजिस्टिक्स ये सारे-के सारे बिज़नेस धीरूभाई के अंडर आ गए | जिसके बाद से ही धीरूभाई न केवल भारत में बल्कि पुरे विश्व भर में एक महान उद्योगपति के नाम से जाने जाने लगे | उन्हें बेस्ट बिजनेसमैन ऑफ़ एशिया का भी अवार्ड मिल चूका है , साथ ही उन्हें साल 2016 भारत के दूसरे सबसे बड़े सम्मान पद्मा भिभूषण से भी नवाजा जा चूका है , हालांकि ये अवार्ड इनको इनके देहांत के काफी लम्बे समय बात मिला |

Warren Buffett Biography (Click Here)

लेकिन असल मायने में धीरूभाई अम्बानी ही  वो पहले शक्श है जिसने की भारत को उद्योपति साम्राज्य बनाने का सपना देखा , और आज हम सभी युवा जिन्हे कई विदेशी ये कहकर कम आंक लेते है की हम दुनिया का मुकाबला नहीं कर पाएंगे तो उन्हें धीरूभाई  की ये जीवनी आप जरूर दिखना और कहना की भारत का हर युवा इतना सक्षम है की वो अपने बुते पर अगर आ जाए तो हर वो चीज कर  सकता है जो वो करना चाहता है |

धीरूभाई अम्बानी की पर्सनल लाइफ ( Dhirubhai Ambani Personal Life)

वैसे तो अम्बानी परिवार के हर एक सदस्य की प्रेम कहानी काफी दिलचस्प भरी रही है | लेकिन जहा तक बात धीरूभाई अम्बानी और उनकी पत्नी कोकिला बेन की करे तो हमे पता चलेंगे की इन दोनों की शादी वर्ष 1955 में हुई जहा दोनों के पिताजी काफी अच्छे दोस्त हुआ करते थे | और धीरूभाई बचपन से ही कोकिला को पसंद किया करते थे | और जब वो यमन में नौकरी कर रहे थे वो फिर इसी बीच उन्होंने कोकिला से शादी की , जिनसे की उन्हें चार बच्चे हुए , दो बेटे और दो बेटिया  | सबसे बड़े बेटे का नाम मुकेश अम्बानी ,उनसे छोटे का नाम अनिल अम्बानी जोकि अब दोनों रिलायंस के आधे आधे हिस्से-दार है | और दो छोटी बेटिया  नीना  और दीप्ति | ये है  धीरूभाई का पूरा परिवार | साथ ही जब भारत सरकार दौरा उनको पद्मा श्री से नवाजा गया तो ये अवार्ड उनकी पत्नी कोकिला बेन ने ही लिया था |  और जहा तक  बात धीरूभाई के देहांत की हो तो साल 2002 में 6 जुलाई को उन्हें हार्ट अटैक आने के कारण उनकी मृत्यु हो गई | जिसके अलगे ही सुनकर भारत के सभी लोग काफी दुखी हुए | लेकिन फिर इनके बेटो ने भी अपने पिताजी का बिज़नेस संभाला और काफी उचा कर दिखाया | दोस्तों ! आखिर में हम बस इतना ही कहना चाहेंगे की धीरूभाई अम्बानी हर किसी के लिए एक मिसाल है और उनकी ज़िन्दगी से काफी कुछ सीखा जा सकता है और जैसे की हमने सीखा है की  अगर आप में आत्म विश्वास है तो आप दुनिया का बड़े से बड़ा काम कर सकते है और वो सब पा सकते है जोकि आप पाना चाहते है | इसके साथ अब  आपसे किसी और आर्टिकल में मुलाकात होगी , मुस्कुराते रहिये और आगे बढ़ते रहिये | आपका बहुत-बहुत धन्यवाद इस Dhirubhai Ambani Biography In Hindi पोस्ट को पढ़ने के लिए | अच्छा लगा हो  इसे जरूर शेयर और एक कमेंट भी जरूर करे |

तो चलिए जल्दी से जान लेते है Dhirubhai Ambani के बारे में (Short Dhirubhai Ambani Biography In Hindi )

  • Full Name\Real Name- Dhirajlal Hirachand Ambani
  • Nickname- Dhirubhai
  • Profession- Businessman
  • Age of Death – 69
  • Birthplace- Chorvad,Gujarat, India
  • Hometown-Mumbai,India
  • Nationality- Indian
  • Zodiac – Capricorn
  • Weight- 80 Kg
  • Height- 5feet 6 inch
  • Date of Birth- 28 December, 1932
  • School- Bahadur Kanji High School
  • Qualification- Only 10th
  • College- Not Attend
  • Religion- Hinduism
  • Caste- Vaishya (Gujarati Modh Baniya)
  • Foodie Type- Vegetarian
  • Wife- Kokilaben
  • Marital Status – Married
  • Hobbies- Singing , Listening Music , Reading
  • Net Worth- 1800 Crore Before 2002

धीरूभाई अम्बानी की लाइफ के वो 5 लेसन जो हर किसी को सिखने चाहिए (5 lessons of Dhirubhai Ambani’s life that everyone should learn)

  1. सपने देखो – जी हां , हर बड़ी सफलता की शुरुआत एक सपने से ही होती है , और ये इतिहास का सबसे बड़ा सच है | जिसे आज तक कोई भी सफल इंसान नकार नहीं पाया |
  2. आत्मनिर्भर बनो – अभी हाल में ही भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी सभी भारतवाशियो को आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी है | लेकिन धीरूभाई ने ये सलाह बहुत साल पहले ही दे दी थी , जोकि ये कहते है की हमेशा खुदपर विश्वास रखकर दुनिया को वो कर दिखाओ जिसे की दुनिया असंभव समझती है |
  3. रिस्क लो – धीरूभाई अम्बानी से जब ये पूछा गया की आपकी सफलता का राज़ क्या है तो उन्होंने बस इतना कहा की में रिस्क बहुत रिस्क लेता हूँ जिसे मैं अपने अडिग विश्वास से पूरा भी कर देता हूँ , और आपको भी सोच समझकर रिस्क लेना ही चाहिए |
  4. बड़ा सोचो , जल्दी सोचो , आगे सोचो ये कुछ वो बाते है जोकि आपको सफल बनने में सहायक होंगी |
  5. जितना तुम्हे आता है तुम पहले उतना करो बाकि का दुनिया और असफलता तुम्हे सीखा देंगी और हो सके तो दूसरे असफल लोगो से सिख लो |

Steve Jobs Biography (Click Here)

Anupjha

hello everyone i'm Anup i start my new career as blogger in 2020 i hope that you'll like my blog post. i want to say that i'll try to my best to get more information about my posts. thanks

Leave a Reply