कन्हैया कुमार का छोटा-सा जीवन परिचय | Kanhaiya Kumar Biography In Hindi
source- Kanhaiya Kumar Facebook

कन्हैया कुमार का छोटा-सा जीवन परिचय | Kanhaiya Kumar Biography In Hindi

Kanhaiya Kumar Biography In Hindi

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कौन है ये कन्हैया कुमार ?

ये एक काफी वाजिफ प्रश्न है अगर आप पॉलिटिक्स में इंटरेस्ट नहीं रखते हो तो वैसे आपको बता दे की कन्हैया कुमार जोकि पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष JNU के रहे है | वह एक ऐसे व्यक्ति के तौर में देश में जाने-जाते है जिन्हे की सत्ता से सवाल पूछने के लिए जाना जाता है |

आज ये भारत के युथ के बीच काफी पॉपुलर माने जाते है | क्यों ? तो वो  इसीलिए क्युकी कन्हैया कुमार न केवल  सत्ता से सवाल पूछते है बल्कि सत्ता में मौजूद हर उस झूठे वादे को भी याद दिलाते है जोकि सत्ताधरीयो ने पुरे देश से किया था |

एक बेहद ही गरीब परिवार से होने के वावजूद कन्हैया आज धीरे-धीरे हर उस युवा की आवाज अपने जरिये सत्ता तक पहुँचा रहे है जोकि हमारे देश के लिए बहुत जरूरी है | जैसे की गरीबी , बेरोजगारी ,किसान की समस्या और देश में हो रहे घोटाले इन सब मुद्दों पर कन्हैया हमेशा खुलकर अपनी बात रखते है |

और जो एक बात इनकी सभी को अच्छी लगती है वो है सवाल के साथ-साथ इनका समाधान बताना | कन्हैया आज हर उस व्यक्ति के दिल में बसते जोकि सही माइनो में  सत्ता से सही मुद्दों पर बात करने को कहता है |

तो आज हम बिल्कुल ही सरल ही शब्दो में कन्हैया कुमार के जीवन के बारे में जानने जा रहे है | तो चलिए जल्दी से शुरू करते है Kanhaiya Kumar Biography In Hindi को |

शुरआती जीवन और परिवार

कन्हैया कुमार का जन्म 13 जनुअरी 1987 को बिहार के आंदोलनकारी गांव बेगुसराई के  तेघरा विधानसभा क्षत्र के एक गांव बीहट में हुआ | जहा कन्हैया अपने माता-पिता के घर जन्मे तीसरे बच्चे थे | वही उनसे बड़ी उनकी एक बहन जूही और उनसे बड़ा उनका एक भाई मणिकांत है | साथ ही उनका एक छोटा भाई भी जिसका की नाम प्रिंस कुमार है |

कन्हैया कुमार के पिताजी का नाम जयशंकर सिंह है जोकि एक किसान रहे है , आज वह लकवे की बीमारी से ग्रसित है | तो वही उनकी माताजी का नाम  मीना देवी है जोकि एक आंगनवाड़ी वर्कर के तौर पर काम करती है |

और जहा तक बात उनके बचपन की हो तो उन्हें बचपन से ही खेलकूद करने में काफी मज़ा आता था | वह हमेशा अपने दोस्तों के साथ मिलकर क्रिकेट खेला करते थे | एक बिल्कुल आम बच्चे की ही तरह उनका बचपन बिता है |  अपने जन्मभूमि को आज वह कर्मभूमि बना चुके है |

  कन्हैया हाल ही में बेगुसराई से सीपीआई\CPI (Communist Party of India) पार्टी के उम्मीद्वार बनकर चुनाव लड़े थे , हालांकि वह यहाँ हार जरूर गये थे |  पर इन सबके बावजूद भी वह आज सभी देशवाशियो को सही मुद्दे पर सरकार से सवाल करना सीखा रहे है |

पढाई-लिखाई में कैसे थे कन्हैया कुमार ?

कन्हैया ने अपनी शुरआती पढाई अपने ही गांव बीहट के सरकारी स्कूल से शुरू की जहा कन्हैया शुरू से ही पढाई में एक अवल दर्जे के छात्र रहे | कन्हैया हमेशा ही अपने क्लास में फर्स्ट आया करते थे | जिस वजह से उनके स्कूल के सभी मास्टर लोग उनसे काफी खुश रहा करते थे | लेकिन जल्द ही क्लास में फर्स्ट आने का उनको घमंड हो गया |

जिस वजह वह खुदको सबसे बुद्धिमान मानने लगे थे | लेकिन उनका ये घमंड जल्द ही उनके मास्टरजी ने तोड़ दिया जब उन्होंने कन्हैया से   उनासी और उनहत्तर में क्या फर्क है ये पूछा ? तो कन्हैया इस सवाल का जबाब नहीं दे पाया और इसके बाद ही उनका घमंड चूर-चूर हो गया |

और इसे एक सबक की अपने पुरे जीवन याद रखा | अपने शुरआती  स्कूल के दौरन ही उन्हें भाषण देने का शौख लग गया था | उन्होंने अपने स्कूल में कई सारे प्राइज भी जीते है |

शुरू के छठी क्लास तक पढ़ने के बाद कन्हैया अपना एडमिशन R.K.C. कॉलेज बेगुसराई में करा लेते है | और फिर यहाँ से अपने 12वीं क्लास को पास करते है वो भी साइंस स्ट्रीम से | 12वीं में साइंस के बाद से ही उन्हें समझ आ जाता है की साइंस उनके बस की  बात नहीं |

उसके बाद कन्हैया अपनी आगे की पढाई के लिए  पटना आ जाता है यहाँ आने के बाद वह अपना एडमिशन  पटना के कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स में करा लेते है |

जिसके बाद वह यहाँ अपना पोस्ट ग्रेजुएशन को पूरा कर लेते है | और फिर पटना से एक IAS अफसर बनने का सपना लिए दिल्ली आ जाते है | जिसके बाद उन्हें JNU के  बारे में पता चलता है |

और फिर वह अपना एडमिशन JNU का Entrance Exam पास करके यहाँ साल 2018 में अपने PH.D डिग्री को पूरा करते थे | उसके बाद से कन्हैया अब कन्हैया न कहलाकर डॉक्टर कन्हैया कुमार कहलाने लगते है |

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कन्हैया नाम कैसे पड़ा?

कन्हैया कुमार के बड़े भाई का जन्म जन्माष्टमी के दिन हुआ लेकिन उनका नाम कन्हैया ना होकर मणिकांत हो गया | इसके पीछे उनकी चाची का हाथ जिन्होंने की कन्हैया का नाम कन्हैया रखा | दरअशल एक दिन वह अपने कन्हैया के घर आई जिसमें की बचपन में कन्हैया काफी गोल-मटोल से बालक दिखाई पड़ते थे | तो इस बालक को उनकी चाची गोद में उठाते ही बोला की ये तो कन्हैया है | यही से फिर इनका नाम कन्हैया पड़ गया |

कन्हैया कुमार की पालिटिक्स में एंट्री कैसे हुई ?

वैसे तो आप पहले ही ये जान चुके होंगे की कन्हैया कैसे छात्र रहे है | साथ ही उन्होंने हमेशा से गलत के विरोध में आवाज उठाई है और आज भी वह ऐसा ही कर रहे है | कन्हैया को बचपन से अभिनय का शौख रहा है और उन्होंने अपने बचपन से इंडियन पीपलस थ्रेटर एसोसिएशन में भी खूब सारे नाटक में हिस्सा लिया है |

अपने कॉलेज से अभिनय के करने के दौरान ही उन्हें पॉलिटिक्स के बारे में पता चला जिसके बाद जब वह पटना आये तो यहाँ से ही उन्होंने राजनीती में अपनी एंट्री दर्ज कराइ | पटना में अपनी पढाई के साथ-साथ वह एक अखिल भारतीय छात्र फेडरेशन के सदस्य भी बन गये और यहाँ से कन्हैया कुमार की पॉलिटिक्स में एंट्री हो गई |

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JNU में मिली पहचान ?

आज कन्हैया जो कुछ भी उसमें JNU का बहुत ही बड़ा हाथ रहा है | जब वह दिल्ली आये थे IAS अफसर बनने  का सपना लिए तो उन्हें JNU के बारे में पता चला जिसके बाद कन्हैया ने JNU का एग्जाम पास कर उसमें अपना दाखिला लिया था | यहाँ आने के बाद उन्होंने अपनी एक अलग ही पार्टी तैयार की जिसका की नाम AISF(All India Student’s Federation) था |

यहाँ से कन्हैया अपनी पढाई PH.D इन अफ्रीकन स्टडीज़ के साथ-साथ वह यूनिवर्सिटी के राजनीती कार्यो में भी काफी सक्रीय रहा करते थे | अपनी एक अलग पार्टी AISF को बनने के बाद उन्होंने साल 2015 में JNU का छात्रसंघ चुनाव लड़ा जिसके बाद से कन्हैया सरकार से सवाल पूछने के लिए जाने-जाने लगे |

और फिर यहाँ वो एक रात आयी जिसने की उनको पुरे भारत में पहचान दिला दी | और वो रात थी 9 फेब्रुअरी 2016 की जब JNU के कैंपस में अफजल गुरु जैसे बड़े आतंकी के लिए नारे लगे |

ये एक देशविरोधी नारे थे , जिसमें की कन्हैया को इसका ज़िम्मेवार माना गया | और उनपर देश विरोध का आरोप लगा | जिसके बाद उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया |

और फिर कोट ले जाते वक़्त उनपर जानलेवा हमला भी हुआ साथ ही  बाद तो तब और भी आगे बढ़ गई जब बीजेपी के एक सदस्य ने उनकी जीभ को काटने पर पांच लाख रूपये देने की घोसना की | खैर ! बहुत से हमलो के बावजूद भी वह बिल्कुल सुरक्षित बच गए |

जिसके बाद उनको करीबन 22 दिन तक जेल में बिताने पड़े | और फिर 2 मार्च 2016 को कोट ने उनके ऊपर लगे सारे आरोपों की पुष्टि सही से नहीं होने के चलते कन्हैया कुमार को जमानत पर छोड़ने की इजाजत दे दी | जिसके बाद से ही कन्हैया को पुरे देश में पहचान मिल गई |

शायद आप इस बात को जान चौकने वाले है की आने वाले दस की लिस्ट को जारी करते हुए Forbes ने ये बताया है की कन्हैया दुनिया में 10 सबसे चर्चित व्यक्तियों में  से एक होंगे | और आज उनकी पॉपुलैरिटी न केवल कुछ नेताओ तक ही सिमित रह गई बल्कि आज उन्हें हर बड़े-से-बड़ा नेता जनता है |

  साथ ही पिछले साल  जब उन्होंने अपना बेगुसराई का चुनाव लड़ा था तो उनके प्रचार के लिए बॉलीवुड के एक अच्छे खासे विलन के तौर पर अपनी पहचान बना चुके प्रकाश राज भी   उनके लिए साउथ से ईस्ट बिहार में प्रचार करने आये थे |

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क्या कन्हैया सिर्फ मोदी विरोधी ही है ?

तो इसका जबाब है बिल्कुल भी नहीं , वह गलत को गलत को और सही को सही कहने वाले एक नेता है | जी हां, अब वह न केवल एक छात्र नेता है बल्कि कन्हैया अब इस से कोशो आगे निकल चुके है | और वह एक CPI के मुख्य नेता भी बन चुके है | जिसके से ही वह सत्ता से सभी को सवाल करने के लिए कह रहे है | उनका कहना  है की ” कई लोग मुझे मोदी विरोधी कहते है पर ऐसा बिलकुल भी नहीं है बल्कि मैं तो सत्ता से सवाल कर रहा हूँ ” और सत्ता में मोदी है तो जाहिर सी बात है की मोदी जी से ही सवाल करुगा |

निष्कर्ष:-

हर किसी की एक अपनी राइ होती है मेरी भी है और आपकी भी होगी | हम  दोनों अपने-अपने नजरिये से अपनी राइ रखते होंगे पर जो एक चीज सही मायने में ये बताती है की कौन सही है ? वो है लॉजिक की क्या आपका लॉजिक सटीक है या मेरा | इन पिछिली लिखी बात से मैं क्या बताने की कोशिश कर रहा हूँ ? तो मैं सिर्फ इतना बताना चाहता हूँ की आप अपनी राइ को हमेशा खुलकर सत्ता से कह सके और सत्ता इसका जबाब दे सके उसकी को ही एक असली राजनीती कहते है |  लेकिन  जैसा की आज का दौर चल रहा उसमें ये उम्मीद बहुत ही कम दिखाई देती है | इसीलिए हमे उनका हमेशा सपोर्ट करना चाहिए जोकि हमारी आवाज को बड़ा कर रही है | मुझे नहीं पता की आपके नजर  कन्हैया कैसे व्यक्ति के तौर अपनी छवि बनाये होंगे पर मैं इतना जरूर जनता हूँ की वह असल मायने में सरकार से  सवाल कर रहे है | और जहा तक बात रही उनके जीवन से सिख लेने की तो जो एक चीज मैंने उनके जीवन से सीखा है वो है घमंड और झूठ जल्द ही टूट जाते है |

 इसी के साथ मैं आपसे अब विदा चाहुगा और अगर आपको ये Kanhaiya Kumar Biography in Hindi पोस्ट अच्छा लगा हो तो इस पोस्ट के निचे एक कमेंट जरूर करे | अपना बहुत बहुत धन्यवाद  Kanhaiya Kumar Biography in Hindi पोस्ट को पढ़ने के लिए | बाई ! बाई

तो चलिए जल्दी से जान लेते है कन्हैया कुमार  के बारे में – (Short Kanhaiya Kumar Biography In Hindi)

  • Full Name- Dr. Kanhaiya Kumar
  • Nickname- Kanhaiya Kumar, Kanhaiya
  • Profession- Social Worker and Political Activist,Politician
  • Weight- 68kg(Approx)
  • Height- 5ft 6inch
  • Date of Birth-  13 January 1987
  • Birthplace- Beehat,Begusarai, Bihar
  • Father Name- Jaishankar Singh(Farmer)
  • Mother- Meena Devi(Aganwadi Worker)
  • Brother- Manikant Kumar(Elder), Prince Kumar(Elder)
  • Sister- Juhi (Elder)
  • Zodiac- Capricorn
  • Nationality- Indian
  • Hometown- Begusarai,Beehat,Bihar
  • School- Madhya Vidyalaya,RKC High School and Ram Ratan College
  • College-College of Commerce,Nalanda Open University and JNU(Jawaharlal Nehru University)
  • Religion- Hinduism
  • Caste- Upper Caste of Bhumihar Community
  • Age- 33 Year’s  Old(at 2020)
  • Girlfriend- Not Known
  • Marital Status- Unmarried
  • Favourite Actor- Paresh Rawal , Anupam Kher
  • Favourite Politician- Lalu Prasad Yadav
  • Hobbies- Read Book , Social Work, Discussion
  • Net Worth- 5 Lakh (2020 Approx)

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हो सकता है की मैं आपको इस पोस्ट के बाद भी कन्हैया कुमार के बारे मैं अच्छे से नहीं बता पाया हु और अगर आप उनके बारे में और अच्छे से जानना चाहते है तो कृपया आप उनकी इस किताब को जरूर पढ़े धन्यवाद्

Kanhaiya Kumar Biography in Hindi

 

Kanhaiya Kumar Biography in Hindi

 

Anupjha

hello everyone i'm Anup i start my new career as blogger in 2020 i hope that you'll like my blog post. i want to say that i'll try to my best to get more information about my posts. thanks

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